पर्यावरण पर निबंध । Essay On Environment In Hindi

पर्यावरण की इस पृथ्वी पे अहम भूमिका पर प्रकाश डालते हुए संयुक्त राष्ट्र ने इसका दिवस घोषणा  की। यह दिवस को महत्व पर्यावरण के तरफ पूरे राष्ट्र में राजनैतिक व सामाजिक विकास के उद्देश्य से दिया जाता है।

सर्वप्रथम इस दिन की शुरुआत सन 1972 में 5 जून से 16 जून के मध्य पूरे देश के महासभा ने की थी जो आगे चलकर पर्यावरण संस्था से हुई।

हम आज जो शुद्ध पानी, वायु, भोजन को प्राप्त करने के काबिल हो पाए हैं वह सब पर्यावरण की देन है। पर यदि यही पर्यावरण अगर स्वस्थ न रहे तो पूरा संसार बीमार हो जाएगा।

पर्यावरण की भूमिका

आज की ये दुनिया कुछ और कर रही है जो सिर्फ अपने मतलब और गन्दे लालच की वजह से वनों विनाश की ओर ले जा रहे हैं, पेड़-पौधे को काटने से पहले एक बार भी नही सोचते।

हमारे इर्द-गिर्द जो अस्तित्व है वही पर्यावरण कहलाता है। इसी पृथ्वी पर मानव जाति का ही नहीं, अपितु प्रत्येक जीव, वृक्ष, व कई महत्वपूर्ण वनस्पतियों का जीवन आधारित हैं।

मानव दखल बाजी के आधार पर वातावरण के दो भाग है, जिनमे से प्रथम है प्राकृतिक पर्यावरण और दूसर है मानव रचित पर्यावरण। पर्यावरण के दो भागों का यह बंटवारा प्राकृतिक प्रक्रियाओं व हालातों में मनुष्यों के शामिल होने की संख्या के मुताबिक होता है।

इंसानों का लालच

आजकल लोग भौतिक सुखों की प्राप्ति और विकास करने की चाह में पर्यावरण के साथ खिलवाड़ करने से नहीं चूक रहे हैं। यदि बहुत देरी से पुर्व हम पर्यावरण को सरंक्षण देने में कामयाब नही हो पाए  तो मानव जाती, पशुओं, पेड़,व पक्षियों का अस्तित्व घोर संकट में पर जाएगा।

ये कड़वा सत्य जानकर हमें अपने पर्यावरण को सुरक्षित रखने हेतु एक ठोस व सही कदम उठाने चाहिए। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए पूरी मानवता को  ज्यादा से ज्यादा पेड़-पौधे लगाने की कोशिश करनी होगी और हर दिन एक पेड़ तो लगाने  ही होंगे तभी यह पृथ्वी थोड़ा सांस ले पाएगी व वृक्षों की कटाई पर भी कुछ नियंत्रण लगानी चाहिए।

स्वस्थ्य पर्यावरण महत्वपूर्ण क्यों?

पर्यावरण की इस पृथ्वी पर हर क्षेत्र में भूमिका है और इसके बग़ैर कोई भी मानव जीवन की कल्पना तक नहीं कर सकता है, कारन पर्यावरण ही इस पूरे धरती के जीवन का एक मूल है। एक सही माहौल, हमें स्वस्थ जीवन जीने की क्षमता देता है और हम इंसान एक शुद्ध, ताजी व स्व्स्थ ज़िन्दगी जीते हैं।

जो ज़रूरी तत्व हमारे जीवन में पूरी तरह मुख्य भूमिका निभाता है वह है जैविक और अजैविक। ये सब ज़रूरी तत्व तथ्यों व प्रक्रियाओं का मिश्रण  है। यह अहम तत्व हमारे हर तरफ है और सक्रिय है और हमारे ज़िन्दगी की हर घटना इसी पर आधारित होती है।

ये मनुष्य ही हैं जो इस वतावरण की सारी क्रियाएं पर्यावरण को किसी न किसी प्रकार से प्रभावित करती हैं। इस तरह किसी जीव, मनुष्य व पर्यावरण के मध्य  अन्योन्याश्रि‍त संबंध है।

पर्यावरण का मानव जीवन में महत्व

पर्यावरण का मानव जीवन में कितना बड़ा महत्व है ये सब हम लोग बहुत ही अच्छी तरह से जानते है l मनुष्य और पर्यावरण के बीच बहुत गहरा रिश्ता है l मानव बिना पर्यावरण के बिना जीवित नही रह सकता है l सभी हरे-भरे पेड़-पौधे हमारे जीवन का एक अभिन्न हिस्सा के रूप में वरदान है l

अगर देखा जाये तो प्रकृति के बिना मनुष्य का कोई भी अस्तित्व ही नही है l जैसा की जल, वायु, अग्नि, आकाश और थल इन्ही सब तत्वों से मिलकर मनुष्य के शरीर का निर्माण हुआ है l प्राचीन कल के समय मनुष्य बहुत ही सीधा साधा और सरल जीवन व्यतीत करता था l अपने आस-पास चारो ओर सुन्दर प्रकृति संभल कर संजोए रखता था l

पहले का मनुष्य काफी लगन और मेहनत से काम करते थे l वो अपने चारो तरफ के पेड़ पौधों की अच्छी तरीके से देख भाल करते है और ये पेड़ पौधे भी उनको सुरक्षा और स्वस्थ जीवन प्रदान करते थे l मनुष्य अपने कठोर परिश्रम के वजह से अपने आगे के राह को बेहतर बनता है जो उसको सफलता और उन्नति तरफ ले जाता है l

जैसे – जैसे समय बदलता गया मानव अपने जीवन में कई तरह के नये अविष्कारों बहुत सारी उपलब्धि हासिल कर ली है l परन्तु इस अविष्कारों के साथ उन्होंने प्रकृति को भी नुकसान पहुँचाना शुरू कर दिया है जिससे मनुष्य के जीवन खतरे से खाली नही है l इससे उनकी आमदनी और रोजगार तो मिल पा रहा है, परन्तु उनके सेहत और स्वास्थ के लिए हानिकारक है l

पर्यावरण का हमारे जीवन में क्या महत्व है ?

पर्यावरण का हमारे में कितना महत्व है ये तो हमें वर्तमान समय अमानवीय घटनाये घटित होती है उसी सब अंदाजा लगा सकते है l पहले के लोग कितना सुरक्षित और स्वस्थ रहते है क्योकि पहले का वातावरण का माहौल साफ सुथरा रहता था l वर्तमान के समय देखा जाये तो बहुत तरह की आपदाए आती रहती है, जैसे अम्ल वर्षा, चक्रवात, वातावरण में तापमान का बढ़ना इत्यादि ये सब बढ़ते प्रदूषण और वनों की लगातार बढती कटाई के कारण ये सब देखने को मिलता है l

ऐसे देखा जाये तो पृथ्वी का ग्रह पूरी पर्यावरण पेड़-पौधों पर ही आश्रित है l जो इस पृथ्वी पर रह रहे सभी जीव – जन्तुओ का सुरक्षा प्रदान करता है l परन्तु इस समय देखा जाये तो मनुष्य अपने नई चीज के अविष्कार लिए जंगलो, वनों की दिन रात कटाई करते जा रहा है l जिससे इस समय मनुष्यों को साँस लेने में दिक्कत हो रही है, कैंसर और भी कई तरह की घातक बीमारियों का जमावड़ा बढ़ते जा रहा है l

प्राचीन काल के लोग खुली हवा में जीते थे और अपने आस – पास पेड़ पौधों का खासा ख्याल रखा करते थे l इससे उनका जीवन स्वच्छ और स्वस्थ रहता था l उनकी प्रतिरोधक क्षमता भी बनी रहती थी l पहले के समय में ऑक्सीजन की कोई कमी नही रहती थी परन्तु आज के वर्तमान समय में मतलब २१वीं शताब्दी में लोगो के लिए ऑक्सीजन की कमी देखने को मिल रहा है लोग दर-दर खतरनाक बीमारियों के वजह से इधर – उधर भटक रहे है l ये सब पर्यावरण को नुकसान पहुचाने का नतीजा है l इस सब को देख कर हम अंदाजा लगा सकते है की हमारे जीवन में पर्यावरण का कितना महत्व है l

निष्कर्ष

हमें अपने वातावरण को प्रदुषण मुक्त और सुरक्षित बनाने की जरुरत है l सभी की ये ख्वाहिश होती है कि वे शांतिप्रिय औऱ स्वस्थ वातावरण में जिये। इन सबके बावजूद हमारे आसपास का वातावरण मानव जाति के सही से ध्यान न देने के कारण गंदे दिख रहा है।

वातावरण का सन्तुलित न दिखना एक ऐसा मुद्दा बन गया है की पूरी दुनिया को इस विषय पर गौर करना चाहिए। ज्यादे से ज्यादे हमे पेड़-पौधों को लगाना चाहिए और वनों को सुरक्षित करना चाहिए l

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