भूकंप पर निबंध । Hindi Essay on Earthquake

भूकंप कई रूप होते हैं जैसे पूर्ण रूप से या फिर अधूरे में परन्तु इस विपदा का हर रूप बहुत विनाशकारी और बड़ा होता है। उससे होने वाले विनाश का असर केवल वही बता सकते हैं जो इसका गवाह रहे हैं।

इस धरती ने कई विपदाएं और कहर देखी है और कई लाशें भी परन्तु जिससे सबसे ज़्यादा विनाश व नुकसान हुआ है वह भूकंप है जिसका प्रभाव अकल्पनीय है। यह आम विपदाओं व प्रकतिक घटनाओं से कई दुगुना मात्रा में क्षति कर सकता है।

भूकम्प का अनुमान

ऐसे कई विभाग हैं जो धरती पर लगाए गए रडार या इससे सम्बंधित यंत्रों द्वारा पूर्वानुमान कर सकते हैं कि कोई भारी तूफान आने की संभावना है। परन्तु ऐसा कोई यन्त्र नहीं जो ये बता दे कि भूंकप आएगा कि नही।

भूकंप का कहर बहुत ही प्रचण्ड है। इससे होने वाले नुकसान की कोई सीमा नही। भूकंप ऐसी विपदा है जो कभी भी आता है. पर इसके आने की ख़बर निश्चित नहीं है क्योंकि लोग भूकंप के आगमन का अनुमान नही लगा पाते हैं जिससे बचाव के अवसर बहुत कम होते हैं।

भूकंप का निर्माण

पूरी पृथ्वी की सतह बहुत ही ठोस चट्टान की आवरण की मिश्रण के साथ बन कर रहा है. इसके लेप का ऊपरी सतह ठंडक वाला होता है। परन्तु पृथ्वी के भीतरी भाग में हमेशा अग्नि जल रही होती है।

इसका निष्कर्ष बहुत ज़्यादा गैस अथवा भाप बनता जा रहा है और बड़ी ही मात्रा में धातु पिघल रही है। यह सब जगह के अभाव में आकर पृथ्वी की ऊपरी सतह पर आने के लिए पृथ्वी को निकलने के लिए मजबूर कर रहे हैं, और जिसकी वजह से यह भूकंप का निर्माण हो रहा है।

बड़ी संख्या में विनाश

इस गम्भीर विपदा का असर वैसे तो कुछ सेकंड के लिए होता है  पर यही काफी होते हैं बड़ी संख्या में विनाश लाने के लिए। कुछ समय की इस विपदा से लोगों का लोगों से ज़िन्दगी भर का साथ छूट जाता है जो बहुत दुखदायी है।

भूकंप के ऊपर शोध भूकंप संस्थान व विभाग करती आई है। पर्यावरण के विभाग धरती के नीचे चल रहे गतिविधियों को देखते रहते हैं जिससे कि भूकंप व उनकी गंभीरता का पहले ही अनुमान लगा सके।

वैसे विभाग में कार्य कर रहे लोग, भूकंप अपना कहर कब और कहां बरसायेगा यह जान पाने में थोड़ी सी सफलता प्राप्त किये हैं।

कोई भी खतरनाक से खतरनाक कहर के आने की पूर्वानुमान नही कर सकता पपरन्तु इससे होने वाले नुकसान व क्षति को कम करने के लिए हम तैयार ज़रूर हो सकते हैं।

जैसे देखते हैं कि, जापान जैसे हल्के फुल्के जगहों में भूकंपों जैसी विपदाओं का आना ज़्याई सम्भव रहता है। प्रकृति के इस भयानक कहर से सुरक्षित होने के लिए  पूरा देश अपनी संपत्ति झोंक देता है।

सुरक्षा के उपाय

संसार में कई विपदाएं आती रहती है जसका  झटका लोगों की ज़िंदगी बर्बाद कर देती है। इसके अलावा इन्ही गंभीर विपदाओं में से एक भूकंपों ने दिखाया है कि इससे बचने और सुरक्षित रहने के लिए हम कितने तैयार रहते हैं।

हम सभी को एकजुट होकर एक ऐसा माहौल बनाने की ज़रूरत है जो भूकंप को रोकने की क्षमता रखता हो। वैसे तो, इस क्षेत्र में हम पूरी गारंटी नहीं ले सकते पर इसकी भयावहता और कहर को थोड़ा कम कर करने की कोशिश कर सकते हैं।

सरकार को इस प्राकृतिक आपदा से सम्बंधित कई फैसले लेने चाहिए जिससे कि आने वाले समय में जो विनाश हो उसके आसार कम हों।

पूरी दुनिया में भूकंप एक बहुत बड़ा और गंभीर मुद्दा है इसीलिए सरकार को ज़रूरत है कि वे लोगों की सहायता करने के लिए कुछ कदम उठाएं।

निष्कर्ष

इस विपदा के कारण लोग अपनी ज़िंदगी तो गवांते ही हैं और घर की कीमती वस्तुओं को भी खो देते हैं। इसके अलावा और भी अन्य तरीकों से देश का नुक्सान होता है।

सरकार को इस प्रकार की असमय व आपातकालीन विपदा से जूझने के लिए पूर्ण रूप स्व तैयार रहना चाहिए जिससे लोगों को और क्षति का सामना न करना पड़े।

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