भारतीय समाज में नारी का स्थान । Hindi Essay On Women In Indian Society

कहते हैं हर सफल आदमी के पीछे एक औरत का हाथ होता है और यह कहावत आज की 21वी सदी की महिलाओं ने साबित किया है कि किसी भी परिस्थिति में, कैसी भी हालात में आज के समय में आज की औरतों ने मर्दों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही है ।

हमारे समाज का एक महत्वपूर्ण अंग हैं ये महिलाएं जो हर कार्यक्षेत्र को बखूब ढंग सर सम्भाल पा रहीं है। अपनी काबिलियत व कौशल से वे दिखाई है कि पुरुष प्रधान समाज में आज कदम में आगे हैं।

हमारे देश की पुरानी सभ्यता पर प्रकाश डालें तो देखेंगे कि है कि हमें औरतों को भगवान की तरह पूजना चाहिए। यह महत्वपूर्ण बात देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने औरतों के बारे  कही थीं जिसमें उन्होंने नारी के अस्तित्व व उनकी गौरव पर प्रकाश डाला और महत्व दिया है।

वे औरतों के बारे में बताये कि उनकी हाल

त एक देश के सामाजिक, आर्थिक व मानसिक परिस्थितियों को स्पष्ट करती है। हमारे धर्म के वेदों में औरतों को अध्यात्म का रूप देखा गया है। परंतु तब भी नारी उन को ये समाज में कई प्रकार से विविध रीति की वजह से नीचा महसूस कराया जाता है।

देश की सरकार इन औरतों के बेहतर आज के लिए शिक्षा व आत्म-सम्मान  के लिए कई प्रकार के कार्यक्रम लेके आये है, जिसकी सहायता सर ये महिला आज सफलता की राह पर  बहुत प्रगति कर रही है। ये आन के आधुनिक युग की औरतें हैं जो बहुत ही सशक्त है।

पूर्व समय की भारतीय महिलाएं

पुराने काल की यदि बात करें तो उस समय में हमारे देसी समाज की महिलाएं प्रत्येक घटित धार्मिक कार्यक्रमो का हिस्सा थीं । जो उन औरतो  के कार्य पूर्ण करने में सहायता करते थे महान वाले पुरोहित और ऋषि थे। फिर चाहे पुत्र हो या पुत्री उनकी सही प्रकार की देखभाल की जाती थी।

नए युग की नारी

आज का युग इन महान नारियों को सदैव वही हक औऱ गौरव देने की कोशिश की है जो नरों को अब तक दिया गया है। ये औरतों  हर प्रकार से सम्मानित हो रही है। औरतें अब घर की लक्ष्मी के साथ-साथ समय आने पर सभी प्रकार के पाप व बुराईओं को जड़ से मिटाने के लिए दुर्गा का अवतार लेने से भी पीछे नहीं हटती। वे  घर से बाहर समाज में अपना कर्तव्य पूरा करने के लिए आगे खड़ी हुई हैं। वह घर की चार दीवारी से बाहर निकल चुकी है और ये कदम अब पीछे नही उठेगा।

इन सशक्त नारियों के कदम विकास के मार्ग पर चल हुई समाज की खराब दशा को ठीक करने के लिए चल पड़े हैं। इस उद्दश्य की पूर्ति के लिए वह मर्दों के समान पद, समान हक  को हासिल करती हुई उनके साथ2 बराबरी कर रही है।

निष्कर्ष

समय के साथ परिवर्तित माहौल के कारण औरतों के हालात व पद में अब बहुत परिवर्तन आदेखने को मिल रहा है। इसकी वजह यह  है कि औरतें पुराने समय से नवीन युग तक भार्या के रूप में रही है।

इसके लिए इन्हें घर के महत्वपूर्ण कार्यों में डाल दिया गया जिसमे शामिल हैं – भोजन पकाना, बाल बच्चों को बड़ा करना, पति की सेवा और सत्कार करना।  औरतें अपने पति की हर भूख को मिटाने के लिए मजबूर होती हैं।

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