Women Empowerment Essay In Hindi l महिला सशक्तिकरण पर निबंध

सशक्तिकरण का अर्थ है उस व्यक्ति को अपने जीवन जीने के लिए सभी फैसले स्वयं ले सके l आज हम महिला सशक्तिकरण की बात कर रहे है, जो अपने परिवार समाज के सभी नियमो को पीछे छोड़ कर अपने बारे में सोच सकती है l हमारे भारत देश में महिला को देवी लक्ष्मी जी की पद्वी दी जाती हैl

श्री पंडित जवाहरलाल नेहरु जी ने एक बहुत ही महत्वपूर्ण बात कही है “ लोगो को जगाने के लिए “ ठीक इसी प्रकार ही महिलाओ को जागृत होना जरुरी है l हर घर में अगर एक महिला भी जागृत हो जाये तो, उस घर को आगे बढ़ने से कोई नही रोक सकता l गाँव की महिला जागृत हो जाये तो उस गाँव को आगे बढ़ने से कोई नही रोक सकता है l

ऐसे ही महिलाये जागृत हो जाये तो पुरे राज्य को पुरे देश को आगे बढ़ा सकती है l हमारे देश की महिला को सशक्त बनाने के लिए सबसे पहले हमारे देश की कुछ प्रथा को बदली होगी, हमारी सोच को बदलना होगा जैसे की दहेज़ प्रथा, असमानत, अशिक्षा , भ्रूण हत्या , बाल विवाह , घरेलु हिंसा , बलत्कार ऐसे ही और भी कई विषय है l

नारी शक्ति के व्यवहार 

महिलाओ को सशक्त बनाने के लिए हमारे राष्ट्र में कई दिवस मनाये जाये है, जैसे की महिला दिवस , मातृदिवस ऐसे ही और भी कई दिवस मनाये जाते है महिलाओ को सशक्त बनाने के लिए l हमारे देश मे महिला और पुरषों में असमानता की जाती हैl

महिला को समाज में हमने अधिकार के लिए बोलने का हक़ नही है, वही देश के अशिक्षित के आकड़ो को देखा जाये तो उनमे महिलाये जबसे जादा है l महिला को सशक्तिकरण प्राप्त हो गया है ये तभी मानाजायेगा जब उन्हें अच्छी शिक्षा मिले, समाज में उन्हें पुरषो की तरह सम्मान मिले, उन्हें इस काबिल बनाया जाये की वह हर क्षेत्र में स्वत्रंत हो कर अपना फैसला ले सके l

महिला सशक्तिकरण को आसन शब्दों में देखा जाये तो इसका अर्थ है, इससे महिला की शक्तिकरण बनती है और वह अपने जीवन से जुड़े हर फैसले खुद ले सके, परिवार और समाज में अच्छे से रह सके और उसके साथ भेदभाव न हो l

महिलाओ को सशक्तिकरण की जरूरत क्यों है ?

महिलाओ को सशक्तिकरण की जरूरत इसलिए जरुरी है, कि पहले के समय में,अभी भी पिछड़ी जातियों में और कई छोटे गॉव या शहर मे भेदभाव किया जाता है l पुरुषो और महिलाओ को सामान दर्जा नही दिया जाता है , पुरुषो के सामने उनका बोलना सही नही मन जाता है l महिलाओ को अपने परिवार और समाज के वजह से दबाया जाता है और उनके साथ कई प्रकार को हिंसा भी होता है l

प्राचीनकाल में बने महिलो के साथ गलत व्यवहार को बदले के लिए महिलाओ को कई दर्जा दिया गया माँ , बहन , पुत्री , पत्नी के रूप में देवियों का दर्जा दिया गया l

लेकिन इसका कोई मतलब नही निकला लोग देवियों की पूजा सिर्फ तस्वीरों और मूर्तियों की करते है l देश के विकास के लिए महिलाओ का हर क्षेत्र में सशक्तिकरण किया जाये जो देश के विकास का आधार बनेगी l

महिला सशक्तिकरण स्लोगन 

कोमल है कमजोर नही तू, शक्ति का नाम ही नारी है l 

जग को जीवन दें वाली, मौत भी तुझसे से हरी है ll 

अपमान मत कर नारियो का, इनके बाल पर जग चलता है l 

पुरुष जन्म लेकर तो, इन्ही के गोद में पलता है ll 

“मै भी छू सकती आकाश, मौके की मुझे है तलाश l”

“नारी अबला नही सबला है, जीवन कैसे जीना यह उसका फैसला है l” 

सामाजिक भेदभाव

पुरानी विचारधाराओ के कारण भारत के कई क्षेत्र में महिलाओ को घर के बाहर जाने में पाबंदी हैl इसकी वजह से महिलाये अशिक्षित और बेरोजगार है l इसलिए महिलाये खुद को पुरुषो से कमजोर समझती है, और उनके आगे कुछ नही बोल पाती है l

लैंगिग भेदभाव

हमारे देश में महिलाओ के साथ अभी भी काफी लैंगिग भेदभाव हो रहा है l कई क्षेत्र में महिलाओ को शिक्षा ग्रहण करने की और बाहर जा कर नौकरी करने की इजाजत नही है l

इसके साथ ही उन्हें आजादी पूर्वक अपने या अपने परिवारे के लिए फैसले लेने का भी हक़ नही है, और उन्हें हर कार्य के लिए पुरुषो से राय लेनी पड़ती है, जो वे कहेगे वाही करती है l इस प्रकार के भेदभाव के कारण महिलाये आगे नही बढ़ पा रही है l

अशिक्षा

महिलाओ को अशिक्षा या किसी कारण से बीच मे पढाई छोड़ने जैसी समस्यांए भी महिला सशक्तिकरण में बहुत बड़ी बंधाये है l

बाल विवाह 

भारत देश के कई क्षेत्र में बाल विवाह आज भी कायम है, बाल विवाह मलतब लड़की की शादी 18 वर्ष की आयु से पहले ही कर देना l जल्दी विवाह हो जाने के कारण महिलाओ का विकास नही हो पाता है l

वह शारीरिक या मानसिक रूप से व्यस्क नही हो पाती है l

घरेलु हिंसा

हमारे देश में महिलाओ के साथ कई घरेलु हिंसा होते है, जैसे की दहेज़ , बाल विवाह , भूण हत्या  इत्यादि है l इससे महिला सशक्तिकरण न होने का कारण है l

कन्या भूर्ण हत्या

हलाकि आज हमारे देश में गर्भपात के पहले गर्भ की जार्च करना क़ानूनी अपराध बन गया है l पर अभी भी गई छोटे क्षेत्रो में चोरी चोरी गर्भ के जार्च कराई जा रही है l अगर गर्भ में कन्या है तो गर्भ को गिरा दिया जाता है l हमारे देश के महिला सशक्तिकरण के यह दावे तब तक पुरे नही होगे जबतक हम पूरी तरह से कन्या भूर्ण हत्या को समाज से न मिटा दे l

महिला सशक्तिकरण के लिए सरकार द्वारा भूमिका

भारत सरकार द्वारा महिला सशक्तिकरण के लिए कई योजना बने गई है l

  • बेटी बचाओ बेटी पढाओ योजना
  • महिला हेल्पलाइन योजना
  • उज्जवला योजना
  • सपोर्ट टू ट्रेनिंग एंड एम्प्लॉयमेंट प्रोग्राम फॉर वूमेन (स्टेप)
  • महिला शक्ति केंद्र
  • पंचायाती राज योजनाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण

निष्कर्ष

जिस तरह भारत देश को आर्थिक तरक्की प्राप्त करना जरुरी है, उसी तरह महिला सशक्तिकरणके लक्ष्य को भी प्राप्त करने के लिए ध्यान देना आवश्यकता है l

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