महाविद्यालय का पहला दिन । First Day of College in Hindi

दोस्तों, महाविद्यालय का पहला दिन का मतलब सीधा सा होता है विद्यालय में पहले दिन का अनुभव करना । हालाँकि सबको अपने नए विद्यालय में जाने की और वहाँ की  हर चीज को लेकर अपने अनुभव करके की उत्सुकता बनी रहती है।

कोई भी दोस्त या आपका साथी या स्वयं जब नए कॉलेज या महाविद्यालय में दाखिला लेकर पहले दिन की शुरुवात करते है तो हमारे अंदर उस नये स्थान को देखने की अथवा वहाँ भ्रमण करने की जो इच्छा होती है वह पहले दिन का काफी उत्साहित तथा रोमांचक भरा दिन होता है।

जब कोई भी व्यक्ति पहले दिन महाविद्यालय पहुँचता है तो उसके उत्साह के साथ उसके अंदर डर बना रहता है क्योंकि वहाँ के बारे में उसको किसी चीज का अनुभव नहीं होता है । कभी – कभी महाविद्यालय में अपने से ऊपरी कक्षा के छात्र नये छात्रों के साथ रैगिंग करते है।

जब मेरा पहला दिन महाविद्यालय में प्रवेश हुआ था । तो काफी डरावना व उत्सुक भरा था मेरे दिमाग में यही चल रहा था की वहाँ के सहपाठी व छात्र तथा अध्यापकों का तालमेल कैसा रहेगा मेरे साथ । इसी तरह के अनेक प्रकार के भाव मेरे अंदर उठ रहे थे।

महाविद्यालय में पहले दिन का अनुभव

मेरा महाविद्यालय में पहला दिन काफी उत्साह तथा नयापन रहा । क्योंकि जब में पहले स्कूल व कालेजों में पढ़ा करता था तो उस समय दिमाग में यही सब चलता था की मैं भी एक दिन स्कूल के यूनिफोर्म से छुटकारा मिल जायेगा फिर मैं अपने मनपसंद कपड़े पहनकर महाविद्यालय जाऊंगा।

कुछ छात्रों को एक ही तरह के यूनिफोर्म पहन कर मन उब जाता है फिर वह महाविद्यालय में प्रवेश लेने की सोचते है । किसी बड़े बैग में किताबें भरकर ले जाने से की जरूरत नहीं पड़ती है क्योंकि समय हम समझदार भी हो गये रहते है तो महाविद्यालय की अनुशासन की पालना भी करते है।

महाविद्यालय में सबका पहला दिन काफी उत्साहपूर्वक तथा थोडा डर का माहौल अंदर बना रहता है क्योंकि बच्चो द्वारा सुना गया रहता है की महाविद्यालय में सीनियर कक्षा के छात्र नई छात्रों से रैगिंग करते है । इसलिए सब सोचते है की उन छात्रों से उनकी भेट न हो।

जब कोई छात्र अपना कालेज व स्कूल पूरा करके और गर्मियों की छुट्टी बिता के जब वह किसी विश्वविद्यालय में या अपनी मनपसंद विश्वविद्यालय अपना प्रवेश लेता है तो उसके चेहरे पर एक अलग ही तरह की ख़ुशी देखें की मिलती है।

उसके बाद वह विश्वविद्यालय में जब अपना पहला कदम रहता है तो काफी उत्साहित तथा गर्व महसूस करता है । उसके साथ नये दोस्त बनते है जो महाविद्यालय की सारी जानकारियों का अनुभव साझा करते है । जब हम विश्वविद्यालय में दाखिला ले लते है तो हमारे अंदर वयस्कता पैदा होती है।

हमारे अंदर से डर धीर – धीरे विश्वविद्यालय आने से ख़त्म हो जाता है और हमारे अंदर खुद से भी अनुशासन का भाव पैदा होने लगता है तथा समय के पाबंद भी हो जाते है । ये सब का लाभ हमारे अंदर पैदा हो जाते है।

निष्कर्ष

सभी छात्रों महाविद्यालय में  पहल दिन का अनुभव का महसूस कर वह सभी अपने दूसरे साथियों से साझा करते है । अगर हम अच्छे महाविद्यालय में दाखिला लेते है तो हमारे ज्ञान विकास के लिए काफी फायदेमंद होता है ।

हमें कई तरह की अच्छे चीजो का पता चलता है जो हम लोग स्कूल समय दोहराते रहते थे।

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