CRR क्या है ? & SLR क्या है ?, What is CRR & SLR ?

CRR क्या है?

CRR का पूरा नाम Cash Reserve Ratio है, इसे हिंदी में नकद आरक्षित अनुपात कहते है l हमारे देश के हर बैंक के लिए कुछ नियम बनाए गये है l बैंक के सभी नियम भारतीय रिज़र्व बैंक बनाती है l रिज़र्व बैंक के नियम के अनुसार हर बैंक को अपने कुल राशि का कुछ हिस्सा रिज़र्व बैंक के पास रखना पड़ता है l इस रिज़र्व हिस्से को cash Reserv Ratio अथवा नकद आरक्षित अनुपात कहते है l

रिज़र्व बैंक ने यह नियम इसलिए बनाए है, ताकि कभी कोई ग्राहक को बैंक से बड़ी रकम निकलने की जरूरत पड़े तो बैंक के पास रकम मौजूद रहे l

CRR का हम पर क्या असर पड़ता है ?

अगर CRR बढता है, तो बैंक को अपने पास रखे गए रकम का एक बड़ा हिस्सा रिज़र्व बैंक के पास जमा करना पड़ेगा l जिसके कारण बैंक के पास रकम कम बचेगी l उसके बाद बैंक के पास अपने ग्राहकों  को लोन देने के लिए रकम कम पड़ेगा या नही रहेगा l

आम जनता और व्यापारियों को लोन देने के लिए बैंको के पास कम पैसे रहेगे l अगर भारतीय रिज़र्व बैंक CRR को कम किया तो, तो बाजार में नकदी का प्रवाह बढ़ जायगा l रिज़र्व बैंक द्वारा CRR में तभी बदलाव होता है, जब बाजार में नकदी तरलता पर तुरंत असर नही डालना हो l

रेपो रेट और रिवर्स रेपो रेट में बदलाव की तुलना में CRR में होने वाले बदलाव से बाजार में नकदी की उपलब्धता पर ज्यादा वक्त के बाद से असर पड़ता है l

SLR क्या है ?

भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा सभी बैंको को लोन देने के पहले अपने पास कुछ हिस्सा जमा करना पड़ता है l इसे SLR कहते है l रिज़र्व बैंक अर्थव्यवस्था में नकदी की स्थिति को नियत्रित करने के लिए जिन उपाय का सहारा लेते है, उसे SLR कहते है l जब बैंक इस अनुपात को अपने पास सुरक्षित रख लेते है, उसके बाद ही वो लोन दे सकते है l यह अनुपात कितना जमा करना है, रिज़र्व बैंक पर आधारित होता है l

भारत में SLR की अधिकतम सीमा 40 फीसदी है, और न्यूतम सीमा शून्य फीसदी तक भी रख सकते है l


What is CRR?

The full name of CRR is cash reserve ratio, it is called nakad aarakshit anupaat in Hindi. Some rules have been made for every bank of our country. All the rules of the bank are made by the Reserve Bank of India. According to the rules of the Reserve Bank, every bank has to some part of your total amount has to be kept with the Reserve Bank. This reserve part is called cash reserve ratio or cash reserve ratio.

The Reserve Bank has made this rule so that whenever a customer needs to withdraw a large amount from the bank, the amount remains with the bank.

What is the effect of CRR on us?

If the CRR increases, then the bank will have to deposit a larger part of the amount with the Reserve Bank, due to which the amount with the bank will be less. After that the bank will have less amount to give loan to its customers or not.

Banks will have less money to give loans to the general public and traders. If the Reserve Bank of India reduces the CRR, then the flow of cash in the market will increase. The CRR changes by the Reserve Bank only when there is liquidity in the market. But don’t have immediate effect.

Changes in CRR have a greater impact on the availability of cash in the market over a period of time as compared to changes in the repo rate and reverse repo rate.

What is SLR?

Before giving loan to all the banks by the Reserve Bank of India, some part has to be deposited with them. This is called SLR. The measure that the Reserve Bank takes to control the cash position in the economy is called SLR. When banks keep this ratio safe with them, only then they can give loans. It is based on the Reserve Bank.

The maximum limit of SLR in India is 40 percent, and the minimum limit can be kept up to zero percent.

1 thought on “CRR क्या है ? & SLR क्या है ?, What is CRR & SLR ?”

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